Friday, 8 August 2025
Wednesday, 2 October 2024
s सूर्योदय की झलक
छुप गये झिलमिल तारे उषा ने खिड़की खोली
चुपके चुपके चपल सूर्य ने पलकें खोली
रंग रंग के फूलों ने सजाया स्वागत द्वार
उपवन में गूंजी चिड़ियों की मीठी बोली
डा च नागेश्वर,कोरबा
चुपके चुपके चपल सूर्य ने पलकें खोली
रंग रंग के फूलों ने सजाया स्वागत द्वार
उपवन में गूंजी चिड़ियों की मीठी बोली
डा च नागेश्वर,कोरबा
Tuesday, 30 April 2024
Subscribe to:
Posts (Atom)